Friday, December 2, 2022
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Apple कंपनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स का जीवन परिचय

Apple कंपनी के रचयिता स्टीव जॉब्स को दुनिया का हर इंसान जानता है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक रहा है। स्टीव जॉब्स एक बहुत ही प्रभावशाली इंसान थे। जिन्होंने अपने मेहनत और संघर्ष के दम पर सफलता का वह मुकाम हासिल किया,जिसके बारे में कोई कल्पना तक नहीं कर सकता है। 

उन्होंने 56 साल के जीवन में पूरी दुनिया को यह साबित कर दिखाया कि अगर कोई इंसान किसी भी कार्य को मेहनत और लगन के साथ करता है तो उसकी जीत निश्चित होते हैं, उन्होंने यह भी साबित कर दिखाया कि जीवन में सफलता को प्राप्त करने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं होती है बल्कि मेहनत और लगन के दम पर कोई भी कुछ भी हासिल कर सकता है। 

अगर आप भी स्टीव जॉब्स की तरह कुछ करना चाहते हैं तो आप को उनके बारे में पूरी जानकारी इस लेख में मिलने वाली है इसलिए इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़ें-

स्टीव जॉब्स की जीवनी | Steve Jobs Biography in Hindi 

नाम (Name) –  स्टीव पॉल जॉब्स

जन्म (Date of Birth) – February 24, 1955, San Francisco, California 

माता( Name of Mother) – Joanne Schieble Simpson, Clara Jobs(इन्होने गोद लिया)

पिता(Name of Father) -Abdulfattah Jandali, Paul Reinhold Jobs(इन्होने गोद लिया)

पत्नी(Wife) – Laurene Powell Jobs

बच्चे(Children) –  Lisa Brennan-Jobs, reed paul jobs, Eve Jobs, Erin Siena Jobs

Death – 5 Oct 2011,California 

स्टीव जॉब्स  के जीवन का शुरुआती समय –Biography of Steve Jobs in Hindi 

  • स्टीव जॉब्स  का जन्म 14 फरवरी 1955 को San Francisco, California  में के जंदाली परिवार में हुआ था। स्टीव ने Joanne Schieble Simpson से जन्म लिया था लेकिन उस वक्त उनके माता-पिता ने शादी  की थी। 
  • उनके माता-पिता ने स्टीव जॉब्स  को क्लारा और पॉल नाम के एक कपल को गोद में देने का फैसला किया। पॉल मैकेनिक थे और उनकी पत्नी एक accountant थी। वही से स्टीव की रूचि इलेक्ट्रॉनिक में बढ़ी। 
  • स्टीव जॉब्स अधिकतर समय अपने पिताजी के गैराज में गुजारते थे और कुछ ना कुछ छेड़छाड़ करते ही रहते थे। जिसके बाद धीरे-धीरे उसकी रूचि इलेक्ट्रॉनिक चीजों की तरह बढ़ने लग गई और उसने अपने पिताजी के गैराज से बहुत अधिक चीजों के बारे में सीख लिया था। उनको स्कूल जाना बहुत ही कम पसंद था। वे किताबें पढ़ना बहुत अधिक पसंद करते थे। 

स्टीव जॉब्स की शुरुआती शिक्षा और करियर– 

  • स्टीव जॉब्स ने अपने हाई स्कूल तक की पढ़ाई आसानी के साथ पूरी कर ली थी लेकिन उसके बाद ऑर्गेन के रीड़ कॉलेज में उन्होंने अपना एडमिशन करवाया लेकिन वह की फीस बहुत अधिक थी और उसके माता-पिता उसकी फीस का खर्चा नहीं उठा सकते थे। इसलिए स्टीव जॉब्स  ने अपने कॉलेज को छोड़ने का फैसला किया। 
  • लेकिन कैलीग्राफी में उनकी बहुत अधिक रूचि थी। जिसकी वजह से वे हमेशा कैलीग्राफी की क्लासों को जरूर लेते थे क्योंकि उनमें क्रिएटिविटी थी। 
  • इसके बाद स्टीव जॉब्स  का एक नया दोस्त वोजनियाक बना। जिसकी भी रूचि कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक्स में थी। शुरुआती समय के दौरान स्टीव जॉब्स को बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि उसके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं था और रहने के लिए अच्छी जगह भी नहीं थी। 
  • लेकिन जैसे तैसे करके स्टीव जॉब्स  में अपना पेट भरा था और हर रविवार के दिन स्टीव जॉब्स  कृष्ण मंदिर जाते थे। जहां पर उनको फ्री में खाना मिलता था और उनका यह खाना सबसे पसंदीदा था। 
  • 1972 में स्टीव जॉब्स को एक वीडियो को गेम कंपनी में काम करने का अवसर भी मिला था लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने उस नौकरी को छोड़ दिया क्योंकि उसमें उनकी कोई रुचि नहीं थी और उस कंपनी से जो भी पैसे उन्होंने कमाए थे उन पैसों से वह भारत घूमने के लिए आए और भारत में काफी दिन रहे। 
  • क्योंकि उनको भारत की संस्कृति और भारत के लोगों ने काफी प्रभावित किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में काफी महीने गुजारे क्योंकि वे वहां पर बौद्ध धर्म की शिक्षा को ग्रहण कर रहे थे और जब उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा को पूरा किया तो उसके बाद भी वापस अमेरिका चले गए थे। 

Apple कंपनी की शुरुआत-

  • स्टीव जॉब्स और उनके दोस्त वोजनियाक ने एक कंप्यूटर को बनाया था। जिसके बाद से स्टीव जॉब्स को कंप्यूटर बनाने के बिजनेस में अपने रुझान को बढ़ाया था और 1976 में उन दोनों दोस्तों ने मिलकर ही अपने काम की शुरुआत कर दी थी और अपनी कंपनी का नाम एप्पल रख दिया था। 
  • उसके बाद से उन्होंने नए-नए आविष्कार किए और नए-नए परीक्षण अपनी कंपनी में किए थे। 1980 में अब यह एक सफल कंपनी बन गई थी और लोग इससे परिचित हो चुके थे। 

Company से Steve Job को जब निकाला गया- 

  • कंपनी का शुरुआती समय बहुत ही अच्छी से गुजर रहा था। कंपनी सफलताओं की सीढ़ियों के ऊपर चल रही थी लेकिन एक समय ऐसा आया जब कंपनी की ग्रोथ पूरी तरह से ही रुक गई थी और स्टीव जॉब्स  की सभी ideas भी पूरी तरह से असफल हो रहे थे। 
  • स्टीव जॉब्स  ने वापस से मैकिनटोश बनाने में काफी कड़ी मेहनत की थी और उसके बाद 1984 में इसको लांच किया था और उसके बाद उन्होंने फिर से सफलता को हासिल किया। 
  • IBM और एप्पल  मिलकर दोनों कंप्यूटर बनाने लग गई थी। जिसके बाद इनकी अच्छी क्वालिटी के चलते मार्केट में इनको पसंद किया जाने लगा और धीरे-धीरे इनकी डिमांड भी बढ़ गई थी। 
  • अब दूसरी कंपनियों ने इनके जैसे ही कंप्यूटर मार्केट में लॉन्च कर दिए और इनसे सस्ते दामों पर बिकने लगे। जिसके बाद एप्पल कंपनी को बहुत ज्यादा नुकसान होने लगा और इन सभी का जिम्मेदार स्टीव जॉब्स  को मानने लगी जिसके बाद उन्होंने 1985 में कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। 
  • स्टीव जॉब्स ने अभी तक हार नहीं मानी थी और कंपनी से निकलने के बाद वापस सहित नए कंप्यूटर बनाने पर लग गए थे और उनको समझ थी कि किस तरह से एक कंप्यूटर को बनाया जाता है और उस कंप्यूटर का नाम नेक्स्ट कंप्यूटर था। 
  • एप्पल की तरह ही नेक्स्ट कंप्यूटर भी बहुत ही बेहतरीन था। लेकिन बहुत अधिक महंगा होने की वजह से यह कंप्यूटर ज्यादा नहीं सका और इसको नुकसान उठाना पड़ा। 
  • स्टीव जॉब्स ने बहुत संघर्षों का सामना किया और उसके बाद अपनी नेक्स्ट कंप्यूटर को एक सॉफ्टवेयर में बदल दिया और उसके बाद उन्होंने बड़ी सफलता को हासिल किया। 

स्टीव जॉब्स की एप्पल में वापसी-

  • 1996 में एप्पल कंपनी ने नेक्स्ट कंपनी को खरीद लिया था 427 मिलियन डॉलर में एप्पल ने नेक्स्ट कंपनी को खरीदा था और उसके बाद स्टीव जॉब्स की एप्पल कंपनी में सीईओ के रूप में वापसी हुई थी और उस समय एप्पल कंपनी भी बहुत मुश्किल दौर से गुजर रही थी। 
  • लेकिन 2007 में एप्पल कंपनी ने अपना मोबाइल फोन मार्केट में लांच किया था और उस प्रोडक्ट ने मार्केट में सुनामी ला दी थी और जिसके बाद से एप्पल कंपनी लगातार सफलताओं की सीढ़ियों पर चल रही है। 

स्टीव जॉब्स  के अवॉर्ड्स-

  • स्टीव जॉब्स  को जीवन में बहुत बड़े-बड़े अवार्ड मिल चुके हैं और ये अवार्ड यह बताते हैं कि वे कितने सफल इंसान थे तो चलिए जानते हैं उनके अवॉर्ड्स के बारे में-

कैलिफोर्निया हॉल ऑफ फेम” से नवाजा गया था। 

नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी” से सम्मानित। 

मशीन ऑफ द ईयर” से 1982 में स्टीव जॉब्स को नवाजा गया था। 

  • स्टीव जॉब्स की मृत्यु 2 अक्टूबर 2011 को कैलिफोर्निया में पेनक्रियाटिक बीमारी से लड़ते हुए उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली थी और उसके बाद 24 अगस्त 2011 को एप्पल कंपनी का नया सीईओ टीम कुक को बनाया गया था। 

स्टीव जॉब्स के मोटिवेशनल कोट्स(motivational quotes of steve job)-

महान काम करने का सिर्फ एक ही तरीका है, आप को वही करना चाहिए जिसे आप पसंद करते है, अगर आपको अभी वह काम नही मिला है जिसे आप पसंद करते हो तो उसे खोजते रहो लेकिन कभी अपने काम से समझौता मत करो।” 

लोग आपको आपके कार्यों से जांचते है, इसलिए आपको हमेशा अपने परिणाम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

अपनी क्षमता के बल पर दुनिया को बताओ की आप कौन हो, तभी ये दुनिया आपको पहचानेंगी।

एक नया आविष्कार एक लीडर और एक अनुयायी के बीच का अंतर बताती है।

किसी चीज के डिजाइन का मतलब यह नही होता है कि वह कैसी दिखती है या कैसी महसूस होती है, डिजाइन का मतलब यह होता है कि वह चीज काम कैसे करती है।

जब आप कोई आविष्कार करते है और आपसे गलतियां हो जाती है तो यह सबसे सही है कि आप उन्हें स्वीकार कर लें और अपने दूसरे आविष्कार को सुधारने में लग जाएं।

लोगों को अपने आने वाले कल के लिए कुछ नया करना चाहिए, बल्कि इसकी चिंता नही करनी चाहिए कि कल क्या हुआ था।

Conclusion

आज के लेख Steve Jobs Biography in Hindi में हमने एप्पल कंपनी के साउंड स्टीव जॉब्स  के बारे में आपके साथ पूरी जानकारी साझा की है। आशा करते हैं कि आपको इस लेख की जानकारी से जरूर कुछ नया सीखने को मिला होगा। अगर आपको यह लेख पसंद है तो इसको अपने दोस्तों के साथ में शेयर जरूर करें। 

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