Sunday, October 2, 2022
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रतन टाटा के जीवनी | Biography of Ratan Tata in Hindi

जिंदगी में उतार-चढ़ाव का होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि ECG में भी सीधी लाइन का मतलब मौत होता है। ऐसा कहना है एक भारतीय महान Entrepreneur पदम भूषण श्री रतन टाटा जी का, जिन्होंने अपने देश के लिए नीति मूल्य को जी जान से संभालते हुए टाटा ग्रुप को बड़ा किया। आज के इस लेख Ratan Tata Biography in Hindi के अंदर हम रतन टाटा के जीवन को करीब से जानने की कोशिश करेंगे इसलिए इस लेख को बड़े ही ध्यानपूर्वक पढ़ें-

Biography of RatanTata in Hindi | रतन टाटा का पूरा जीवन

  • नाम (Name) – रतन नवल टाटा 
  • जन्म (Birth) – 28 सितंबर 1937
  • पिता( Father) – नवल टाटा 
  • माता( Mother) –  सोनू टाटा
  • शिक्षा(Education) – कॉर्नेल यूनिवर्सिटी
  • व्यवसाय (Occupation) – टाटा ग्रुप के संस्थापक
  • Net Worth – $291 Billion

रतन टाटा की शुरुआती शिक्षा और जीवन: (Ratan Tata’s Early Education and Life)

  • रतन टाटा का जन्म 28 सितंबर 1937 को मुंबई के अंदर एक पारसी परिवार के अंदर हुआ था और उनकी पिता का नाम नवल टाटा था और उनकी माता का नाम सोनू टाटा था। 
  • रतन टाटा ने अपनी शुरुआत की पढ़ाई कैथेड्रल एंड जॉन केनन स्कूल, मुंबई से की और बिशप कॉटन स्कूल, शिमला से की थी। सन 1948 में जब रतन टाटा 10 साल के थे तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया था और उसके बाद रतन टाटा को उनकी दादी जी ने संभाला था और उसके बाद रतन टाटा ने अमेरिका के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। 
  • रतन टाटा बहुत अधिक शर्मीले थे और समाज की झूठी चमक से दूर रहते थे। अपने नाम को भूल कर अपने दम पर शिक्षा लेने के लिए रतन टाटा ने अमेरिका के अंदर छोटे-मोटे बहुत से कार्य किए थे और उसके बाद 1959 में Bachelor in Architecture डिग्री हासिल की, उसके बाद 1961 से उन्होंने टाटा स्टील के शॉप पर अपने करियर को शुरू किया था।

रतन टाटा की पहली असफलता – Ratan Tata Biography in Hindi

  • टाटा की परंपरा के अनुसार 1970 तक टाटा ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों के साथ कार्य करने लगे थे। 1970 में उनको मैनेजमेंट के अंदर प्रमोट किया गया था और उसके बाद 1971 को टाटा ग्रुप की रेडियो बनाने वाली और घाटे में चलने वाली Nelco कंपनी की जिम्मेदारी दे दी गई थी
  • उसके बाद अगले 3 सालों में रतन टाटा ने इस कंपनी को वापस से खड़ा किया और नेल्को के मार्केट शेयर को 2% से 20% तक लेकर चले गए थे। उसके बाद देश में आई आर्थिक मंदी के कारण इस कंपनी को बंद करना पड़ा और उसके बाद यह रतन टाटा के जीवन का पहला सबसे बड़ा फैलियर था। 

रतन टाटा की दूसरी असफलता – Ratan Tata Biography in Hindi

  • उसके बाद रतन टाटा ने हावर्ड यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की थी और 1977 में रतन टाटा को टाटा ग्रुप की एक्सप्रेस Mill की बागडोर सौंपी गई थी और वह कंपनी बंद होने के कगार पर थी और उसके बाद इस कंपनी को वापस से खड़ा करने के लिए रतन टाटा ने मैनेजमेंट से ₹50 लाख की निवेश के बारे में बोला था लेकिन मैनेजमेंट ने इस प्रस्ताव को नकार दिया था और उसके बाद यह कंपनी बंद हो गई थी और रतन टाटा के जीवन का दूसरा सबसे बड़ा Failure था। 
  • 1981 के अंदर रतन टाटा को टाटा इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष बनाया गया और उसके बाद 1991 के अंदर रतन टाटा को टाटा ग्रुप का चेयरमैन बनाया गया था। इसके बाद टाटा ग्रुप बहुत ही तेजी के साथ बढ़ने लगा था क्योंकि टाटा पहले से ही पैसेंजर और कमर्शल साधनों को बनाती थी लेकिन आम लोगों का कार का सपना पूरा करने के लिए रतन टाटा ने 30 दिसंबर 1998 को पूरी तरह से भारत के अंदर बनी लग्जरी कार इंडिगो को भारत के अंदर लांच किया था और रतन टाटा जी का यह एक बहुत बड़ा सपना था। जिसको पूरा करने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की थी। 
  • लेकिन मार्केट के अंदर इस कार को बहुत अच्छा रिस्पांस नहीं मिला जिसकी वजह से यह 1 साल के अंदर ही बुरी तरीके से असफल हो गई थी।  जिसके बाद टाटा मोटर्स को बहुत बड़ा नुकसान हुआ था और उसके बाद रतन टाटा को अपने इस फैसले को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। 
  • रतन टाटा को अपनी कार इंडिगो की वजह से बहुत बड़ा नुकसान हुआ था और उसके लिए कुछ लोगों ने उनको अपनी इस कंपनी को दूसरी कंपनी को बेचने का सुझाव दिया था और उसके बाद रतन टाटा ने यह सुझाव सही समझा और कुछ साझेदारों के साथ अपनी कंपनी को बेचने के लिए Ford के पास गए थे और कंपनी की मीटिंग हुई तो उसके अंदर ford कंपनी के अध्यक्ष ने रतन टाटा को कहा कि अगर आपको  कार बनानी नहीं आती है तो आपने कंपनी के अंदर इतने पैसे निवेश क्यों किए थे और इसी बात को सुनकर रतन टाटा ने अपनी कंपनी के सभी साझेदारों से डील छोड़ कर वापस चले आए और अपने टाटा मोटर्स के ऊपर पूरा ध्यान लगाया। 

रतन टाटा के सफल जीवन की शुरुआत – Ratan Tata Biography in Hindi

  • रतन टाटा जी ने अपनी कंपनी के ऊपर वापस से ध्यान दिया और रिसर्च करके इंडिका के नए वर्जन को वापस से लांच किया और उसके बाद धीरे-धीरे रतन टाटा जी का बिजनेस बढ़ने लग गया और बेहद ही मुनाफ़े का बिजनेस होने लग गया था। और Ford Company अपने jaguar और Land Rover की वजह से घाटा सहन कर रही थी और उसके बाद 2008 के आते-आते दिवालिया होने की कगार पर आ गई थी और उस समय रतन टाटा जी ने फोर्ड कंपनी के सामने उनकी लग्जरी कार को खरीदने का प्रस्ताव रखा था और उस प्रस्ताव को विल फोर्ड ने खुशी-खुशी अपना लिया था। और उसके बाद रतन टाटा ने  Jaguar और Land Rover लग्जरी कार को 2.3 बिलियन डॉलर के अंदर खरीद ली थी
  • आज के समय में टाटा ग्रुप इतनी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है जिसकी कोई सपने में भी कल्पना नहीं कर सकता है। रतन टाटा ने दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियों को खरीदा है जैसे – Tetley, Daewoo, Corus 
  • 2008 के अंदर स्कूटर पर घूमने वाले लोगों के लिए बहुत ही सस्ते दाम में रतन टाटा ने टाटा नैनो को बाजार में उतारा था। जिसको लोगों ने बहुत अधिक पसंद किया था।

रतन टाटा जी के प्रेरणादायक विचार (Inspirational Thoughts of Ratan Tata) –

दूसरे सफल लोगों से इस बात की प्रेरणा लेनी चाहिए कि जब वह व्यक्ति सफल हो सकता है तो मैं क्यों नहीं हो सकता हूं पर प्रेरणा लेते समय आंखों को बंद नहीं कर लेना चाहिए।

दुनिया में करोड़ो लोग मेहनत करते हैं फिर भी सबको भिन्न-भिन्न परिणाम प्राप्त होते हैं. इस सब के लिए मेहनत करने का तरीका जिम्मेदार है इसलिए व्यक्ति को मेहनत करने के तरीके में सुधार करना चाहिए। 

पेड़ काटने के पूर्व कुल्हाड़ी की धार देखने की आवश्यकता होती है इसलिए जब आठ घंटे में पेड़ काटना हो तो छः घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाने पर सफलता प्राप्त होने के अवसर बढ़ जाते हैं। 

 ” जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए उतार–चढ़ाव बहुत जरुरी हैं, क्यूंकि ईसीजी में भी सीधी लाइन का मतलब होता है – मृत। 

लोहे को कोई नष्ट नहीं कर सकता, लेकिन उसकी खुद की जंग ही उसे नष्ट कर देती है, वैसे ही इंसान की खुद की मानसिकता और सोच ही इंसान को नष्ट करती है। 

मैं लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कहता हूँ कि प्रश्न पूछें, नए विचारों पर बात करें, नयी तकनीक और नए आईडिया के बारें बेझिझक आगे आएं। 

जो व्यक्ति बहुत सफल हैं मैं उनकी प्रसंशा करता हूँ। लेकिन अगर वह सफलता लोगों के साथ निष्ठुरता और क्रूरता से हासिल की है तो मैं उस व्यक्ति की प्रसंशा तो कर सकता हूँ लेकिन इज्जत नहीं। 

मैं हमेशा भारत के भविष्य की क्षमता के बारे में बहुत उत्साहित और विश्वस्त रहा हूँ, मेरा मानना है कि यह महान क्षमताओं वाला एक महान देश है। 

मैं काम करते हुए कुछ लोगों को ठेस पहुंचा सकता हूँ, लेकिन मैं किसी भी स्थिति में इस रूप में देखा जाना पसंद करता हूँ कि एक ऐसा व्यक्ति जिसने किसी भी स्थिति में अपना सबसे अच्छा काम किया और बिना समझौता किये किया। 

अगर कोई भी कार्य जन-साधारण के मापदंड़ों पर खरा उतरता है तो उसे जरूर करे लेकिन अगर नहीं उतरता हो तो बिल्कूल न करे। 

वह व्यक्ति जो दूसरों की नकल करता है, कुछ समय के लिए तो सफल हो सकता है, परंतु जीवन में बहुत आगे नहीं बढ़ पाता। 

Conclusion Biography of Ratan Tata in Hindi  
  • आज के इस लेख Ratan Tata Biography in Hindi  के अंदर हम दे रतन टाटा जी के संपूर्ण जीवन के बारे में आपके साथ में बात की है। इस लेख के अंदर हमने जानना है कि रतन टाटा जी ने अपने जीवन में संघर्षों को सहन करते हुए और असफलताओं को पार करते हुए जीवन में सबसे बड़ी सफलता को हासिल किया है और आज भी उस पर कायम है।
  • अगर आप भी इनकी तरह जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो आज से ही अपने कार्य के ऊपर फोकस करें और आगे बढ़े। अगर आपको इस आर्टिकल Ratan Tata Biography in Hindi “ की जानकारी पसंद आई तो इसको अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

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