Thursday, September 29, 2022
HomeHealth and FitnessPranam Kaise Kare? प्राणायाम करने का सही तरीका

Pranam Kaise Kare? प्राणायाम करने का सही तरीका

Pranayam ka kya arth hai?

  • जैसा की आपको पता है की हमारे शरीर में हमारी साँस सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है; जब तक हमारी साँस चल रही है तब तक ये शरीर चल रहा है | प्राणायाम शब्द में दो अर्थ छुपे है प्राण मतलब शक्ति या ऊर्जा और आयाम मतलब विस्तार करना यानिकि प्राणायम एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे हम अपनी शक्ति या ऊर्जा का विस्तार करते है|
  • प्राणायाम में हमे अपने साँसों पर काम करना होता है उस पर ध्यान लगाना पड़ता है और करने से हमारी प्राणशक्ति बढती है और हमारा मन स्थिर हो जाता है और हमारा जीवन उत्साही बन जाता है|

Pranayam benefits in hindi

  • प्राणायाम का मुख्य उद्देश्य हमारे शरीर, मन और आत्मा के सबंध को मजबूत करना है और उनमे सही तालमेल बिठाना है|
  • प्राणायाम हमारे मन को स्थिर करना और उसे उत्साही बनाना है | इसके साथ ही साथ प्राणायम हमे कई तरीकों के मानसिक और शारीरिक बिमारियों से छुटकारा दिलाता है|
  • हमारी आयु बढ़ती है|
  • हमारी शरीर के नस नाड़ियों की शुद्धि होती है|
  • हमे stress, depression और anxiety से छुटकारा मिलता है|
  • प्राणायाम हमारी प्राणशक्ति को बढ़ाता है|

प्राणायाम के प्रकार (Types of pranayam in hindi)

1) Kapalbhati pranayam in hindi:

कपालभाति इस शब्द में दो अर्थ है; कपाल का मतलब हमारे सिर के आगे का हिस्सा और भाती मतलब ज्योति होता है | ये सांस को अंदर बाहर लेने की प्रक्रिया है | कपालभाति प्राणायाम से आपके शरीर में से 99 % रोग दूर हो जाते है|

Kapalbhati pranayam kaise kare?

  • आराम से बैठ जाए और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे | उसके बाद आप एक गहरी सांस ले और आप सांस छोड़ते वक़्त थोड़ा ज़ोर से छोड़िये | याद रखे की जब आप सांस लेते है तब आपका पेट बाहर की तरफ जाना चाहिए और जब आप सांस छोड़ते है तब आपका पेट अंदर की तरफ जाना चाहिए |
  • ये प्रक्रिया आप बिना रुके 10 से 12 बार करे इसमें आपका एक round complete हो जाएगा | हर एक round के खत्म होने पर एक लम्बी सांस ले कुछ देर रुके (10 -12 sec)  और उसके बाद फिर दूसरा round शुरू करे ऐसे आप दो से तीन round कर सकते हो |

Kapalbhati pranayam benefits in hindi

  • ये आपके पाचन क्रिया (digestive system) को मजबूत बनाता है, इससे आपके त्वचा में निखार आता है, ये आपके फेफड़ों को मजबूत बनाता है, ये weight loss के लिए फायदेमंद है, ये सर्दी, जुकाम में फायदेमंद है, ये एक anti ageing प्रक्रिया है इसलिए आप लम्बे समय तक जवान दिखोगे, ये आपके dark circles को कम करता है, ये आपके सफ़ेद बालों की problem को कम करता  है  और साथ ही साथ ये infertility की problem को दूर रखता है|
  • याद रखो की कपालभाति हमेशा सुबह के समय खाली पेट ही करे और जिनको high blood pressure है, heart के related  कोई बिमारी है,  माइग्रेन है, अल्सर है या फिर हर्निया जैसी बिमारी हो तो ऐसे व्यक्ति कपालभाति न करे |

2) Sheetkari pranayama in hindi:

इस प्राणायाम को आप सभ पेट करे  प्राणायाम गर्मी के मौसम में करने से बहुत लाभ मिलता है | ये प्राणायाम से आपका शरीर ठंडा रहता है |

Sheetkari pranayama kaise kare?

  • आराम सर एक जगह बैठे और अपने दोनों दांतो को एक दूसरे के ऊपर रखकर मुँह के द्वारा सांस ले | इसमें आपकी सांस आपके दांतो में से हो करके आपके शरीर के अंदर चली जायेगी | अब आप अपनी एक नासिका बंद करे और सांस को नाक के द्वारा बार निकाल दीजिये |
  • इस प्राणायाम को आप 2-3 मिनट ही करे और अगर आपको लगे की आपके शरीर मे गर्मी बहुत बढ़ रही है तो आप इसे 5 मिनट तक कर सकते है पर याद रखे की इसे प्राणायाम को 5 मिनट से ज्यादा न करे और ज्यादा से ज्यादा 10 से 15 दिन करे और उसके बाद ये प्राणायाम करना बंद करे नहीं तो आपको ठंडक लग जायेगी |

Sheetkari pranayama benefits in hindi

  • इससे आपके शरीर की गर्मी कम हो जाती है, इससे रक्तशुद्धि होती है, ये आपके त्वचा में चमक लाता है, आपकी memory power को बढ़ाता है,  गुस्से को कम करता है, आपके immunity system को बढ़ाता है, ये आपके ये पेट की गर्मी  को कम करता है, ये पित्त को कम करता है, इससे hypertension कम हो जाता है |
  • याद रखो शीतकारी प्राणायाम सर्दी के मौसम या बरसात के मौसम में न करे, जिन्हे low BP की problem है वो लोग इस प्राणायाम को न करे |

3) Sheetali pranayama in hindi

इस प्राणायाम से बी आपकी शरीर की गर्मी कम हो जाती है और आपका शरीर ठंडा रहता है |

Sheetali pranayama kaise kare?

इसमें आपको अपने जीभ को बहार निकालकर दोनों तरफ से मोड़ना है अब आपके जीभ में एक छेद सा बन जाएगा तो उसी छेद से आपको सांस लेनी है | याद रखे इसमें आपको नाक से सांस नहीं लेना है | सांस को शरीर के अंदर लेने के बाद 2 से 3 सेकंड रोक कर रखे और उसके बाद आप अपनी एक नासिका को बाद करके अपनी बायीं या दायी नासिका से  सांस को छोड़ सकते है|

Sheetali pranayama benefits in hindi

  • ये आपके पाचन क्रिया (digestive system) को मजबूत बनाता है, इससे आपके शरीर की गर्मी कम हो जाती है, जिन्हे high blood pressure की problem है उनके लिए ये बहुत लाभकारी है, ये आपके भूख और प्यास को control में रखता है |
  • याद रखो शीतली प्राणायाम सर्दी के मौसम या बरसात के मौसम में न करे, जिन्हे low BP की problem है वो लोग इस प्राणायाम को न करे |

4) Bhastrika pranayama in hindi:

इस प्राणायाम से हमारे शरीर में oxygen की level बढती है इससे हमारे शरीर के हर एक कोशिका में oxygen पहुँचता है |

Bhastrika pranayama kaise kare?

  • आराम से बैठ जाए और अपनी रीढ़ की हड्डी सीढ़ी रखे | गहरी लम्बी सांस ले और छोड़े ऐसे आप 10 से 15 बार कर सकते है | इस प्राणायाम को आप तेज या धीमी गति में कर
  • सकते हो पर इसको तेज गति में करने से कुछ नुक्सान भी हो सकता है इसलिए इस प्राणायाम को किसी योग expert के सानिध्य में करे |
  • ये प्राणायाम सर्दियों में बड़ा लाभकारी है क्योंकि ये आपके शरीर की गरमी को बढ़ाता है | इस प्राणायाम को गर्मियों में 3 से 4 मिनट और सर्दियों में 4 से 5 मिनट तक करना है | 

Bhastrika pranayam benefits in hindi

  • इससे शरीर में oxygen की मात्रा बढती है, आपके शरीर में गरमी बढ़ती है, बलगम की समस्या दूर होती है, इससे आपकी भूख बढ़ती है, अस्थमा पेशंट के लिए अच्छा है , आपके रक्त को शुद्ध करता है, आपके चहरे में चमक आएगी |
  • जिन्हे heart से related बिमारी है, हर्निया, high blood pressure है वो लोग इस प्राणायाम को न करे |

5) Bhramari pranayama in hindi:

इस प्राणायाम में हम भिन भिनाते भवरे की तरह आवाज़ निकालते है | ये प्राणायाम हमे तनाव से मुक्त रखता है |

Bhramari pranayama kaise kare?

  • इस प्राणायम में हमे शनमुखी मुद्रा में बैठना है जिसमे चहरे पर दोनों हाथ रखे, हमारे कान का जो उभरा हुआ हिस्सा है उसे दोनों हाथ के अंगूठे से दबाये, हमारी तर्जनी उंगली हमारे मस्तक पर, बीच की उंगली आँख पर, अनामिका (तीसरी उंगली) नाक पर और चौथी नाक और होठों के बिच में |
  • याद रखे की अपने उंगलीयोंको अपने चेहरे के ऊपर एकदम हलकासा रखे यानिकि normal रखे; आपके उंगलियोंसे आपका चेहरा ज्यादा दबना नहीं चाहिए | इस मुद्रा में रहकर आपको गहरी सांस लेनी है और सांस छोड़ते वक़्त भवरे की आवाज़ निकालनी है |
  • इस प्राणायाम को आप 20 से 30 बार है और इससे ज्यादा भी आप कर सकते है | प्राणायाम खत्म होने के बाद अपने हाथोंको एक दूसरों पर रगड़ कर अपने आँखों पर रखे और फिर अपनी आँखे खोले |

Bhramari pranayama benefits in hindi

  • ये heart से related problems को दूर रखता है, ये आपके stress को कम करता है, ये high blood pressure पेशंट के लिए लाभकारी है और ये अनिद्रा की problem को भी दूर रखता है, इससे हमारा गुस्सा काम हो जाता है,
  • इसे low BP वाले पेशंट न करे | 

6) Nadi shodhana pranayama in hindi

ये अनुलोम विलोम की तरह ही है लेकिन हम इसमें कुम्भक लगाते है यानिकि हम सांस को रोकते है और फिर छोड़ते है| इस प्राणायाम से हमारे शरीर में जो 72000 नाड़ियां है उनकी शुद्धि होती है इसीलिए इसे नाड़ी शोधन प्राणायाम कहते है |

Nadi shodhan pranayama kaise kare?

  • रीढ़ की हड्डी सीढ़ी रखे और आप अपनी right वाली नासिका को अंगूठे से बंद करे और अपनी left वाली नासिका से लम्बी गहरी सांस ले |
  • उसके बाद अपने हाथोंसे अपने नाक को 10-12 सेकंड तक बंद करके अपनी सांस को रोकले और अब अपनी left वाली नासिका को दूसरी (मध्यमा) और तीसरी उंगली (अनामिका) से बंद करके अपनी right वाले नासिका से सांस को छोड़ दीजिये फिर right वाले नासिका से सांस ले उसके बाद अपने हाथोंसे अपने नाक को 10-12 सेकंड तक बंद करले और left वाले नासिका से सांस को छोड़ना है |
  • यहाँ पे आपका एक round complete होता है ; आप ऐसे 15 से 20 बार तक कर सकते हो और इसे अपने हिसाब से बढ़ा भी सकते हो |

Nadi shodhan pranayama benefits in hindi

  • इससे आपका depression काम होता है, इससे आपकी पाचनशक्ति मजबूत होती है, इससे आपके शरीर की 72000 नाड़ियों की शुद्धि होती है, इससे कफ वाफ और पित्त का balance होता है, इससे आपकी immunity system बढती है और ये आपके concentration को बढ़ाता है |
  • जिंन्हें अस्थमा, blood pressure और heart related problems है उन्हें ये प्राणायाम नहीं करना है | 

7) Anulom vilom pranayam in hindi

जिन्हे नाड़ी शोधन प्राणायाम में कुम्भक यानीकी सांस रोकने में दिक्कत होती है तो आप अनुलोम विलोम प्राणायाम कर सकते है पर नाड़ीशोधन प्राणायाम अनुलोम विलोम प्राणायाम से ज्यादा effective है |

Anulom vilom kaise kare?

रीढ़ की हड्डी सीढ़ी रखे और आप अपनी अंगूठे से right वाली नासिका को बंद करे और अपनी left वाली नासिका से लम्बी गहरी सांस ले और अब अपनी left वाली नासिका को दूसरी (मध्यमा) और तीसरी उंगली (अनामिका) से  बंद करके अपनी right वाले नासिका से सांस को छोड़ दीजिये फिर right वाले नासिका से सांस ले और left वाले नासिका से सांस को छोड़ना है | यहाँ पे आपका एक round complete होता है; आप ऐसे 15 से 20 बार तक कर सकते हो और इसे अपने हिसाब से बढ़ा भी सकते हो |

Anulom vilom pranayam benefits in hindi

ये आपके digestion system को अच्छा करता है, आपके concentration को बढ़ाता है, आपके memory power को बढ़ाता है, ये हमारे फेफड़ों को मजबूत बनाता है और ये आप तनाव को कम करता है |

8) Ujjayi pranayama in hindi

इस प्राणायाम से हमारे शरीर की negative energy बाहर निकल जाती है |

Ujjayi pranayama kaise kare?

हमे दोनों नासिका से सांस भरनी है और सांस भरते वक़्त थायरॉइड वाले हिस्से में कम्पन के साथ एक विशिष्ट आवाज़ निकालते हुए पूरी सांस भरनी है और फिर सामान्य रूप से सांस छोड़नी है | ये प्राणायाम आप 10 मिनट तक कर सकते है |

Ujjayi pranayama benefits in hindi

ये अनिद्रा की problem को दूर करता है, cough की प्रॉब्लम को दूर करता है, इस प्राणायाम से आपकी ageing process कम हो जाती है, ये थाइरॉइड पेशंट के लिए अच्छा है |

9) Murcha pranayama in hindi

  • इस प्राणायाम से आपका मन शांत होता है और आप विचार शुन्य स्थिति में आ जाते है मतलब आपके मन में चल रहे विचार काम होते है और साथ ही साथ इस प्राणायम से हल्की बेहोशिसि मह्सूस होती है और इसीलिए इसको मूर्छा प्राणायाम कहा गया है |
  • मूर्छा प्राणायाम को हम उज्जायी प्राणायाम के साथ करते है | इसको सभी प्राणायामों के आखिर में करे |

Murcha pranayama kaise kare?

  • किसी शांत जगह पर आराम से बैठे पहले 1 से 2 मिनट लम्बी और गहरी सांस ले | मूर्छा प्राणायाम में हमे दो तरह की मुद्रा लगानी होती है एक है खेचरी और दूसरी शाम्भवी मुद्रा | तो सबसे पहले आराम दायक स्थिति में बैठे और खेचरी मुद्रा लगाना है जिसमे हम अपनी जीभ को तालु से लगाकर पीछे की तरफ मोड़ते है उसके बाद उसी स्थिति में हम अपने सिर को पीछे की तरफ ले जाएंगे और फिर इस स्थिति में हमे उज्जायी प्राणायाम करना है जिसमे हमे सांस भरते वक़्त हमारे गले से एक विशेष प्रकार की आवाज़ निकालनी है |
  • उसके बाद सांस को रोकना है और शाम्भवी मुद्रा लगानी है जिसमे आपको अपनी दोनों आँखों से अपने दोनों भौहें के बिच देखना है | याद रखे जब तक आप अपनी सांस को रोक के रखा है उसी वक़्त ये शाम्भवी मुद्रा आपको करनी है और उसके बाद अपनी आँखे को सामान्य स्थिति में ले आये और जब आप  सांस छोड़ते है तो उसे सामन्य तरीके से छोड़े और आप अपनी सामान्य स्थिति में आ जाये |
  • उसके बाद 10 से 15 रुके और फिर से इसी प्रक्रिया को दोहराये | इसे पहली बार आप 8 से 10 बार कर सकते है और इसके बाद इसकी मात्रा  बढ़ा सकते है |

Murcha pranayama benefits in hindi

  • ये अनिद्रा की problem को दूर रखता है, इससे stress और anxiety कम होती है, ये आपकी आँखों के लिए अच्छा है और ये infertility की problem को भी दूर करता है |
  • जिन्हे high blood pressure, heart के related कोई problem है, जिन्हे मानसिक बिमारी है या जिन्हे चक्कर आते है वो लोग इस प्राणायाम को न करे |

10) Surya bhedi pranayam in hindi

  •  ये प्राणायाम बहुत ही आसान है और ये वजन घटाने में बहुत ज्यादा फायदेमंद है | सर्दियों में ये प्राणायाम बहुत ही लाभकारी होता है |

Surya bhedi pranayama kaise kare

  • अपने रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे उसके बाद पद्मासन या फिर वज्रासन में बैठ जाए इसके बाद अपनी left वाली नासिका को अपनी अनामिका अंगुली और छोटी अंगुली की मदद से बंद करे और अपनी right वाली नासिका से लम्बी गहरी सांस ले उसके बाद अपनी right वाली नासिका को अंगूठे की मदद से बंद करके अपनी left वाली नासिका से सांस को बाहर छोड़े |

Surya bhedi pranayama benefits

  • इस प्राणायाम से आपका metabolism rate को बढ़ाता है, ये weight loss में बहुत ही ज्यादा लाभकारी है, ये आपकी digestive system को ठीक रखता है, कफ (बलगम) से सम्बंधित problems को दूर करता है, ये आपको depression से दूर रखता है, ये diabetic पेशंट के लिए लाभकारी है और स्त्रियों में जो infertility की problem आती है उसको भी ये दूर करता है |
  • जिन्हे high blood pressure की problem है या फिर जिन्हे सिरदर्द रहता है उन्हें ये प्राणायाम नहीं करना चाहिए |

इन्हे भी पढ़ें

So guys आपको ये वाला article कैसे लगा ये comment section में ज़रूर बताना; साथ ही साथ कुछ suggestions हो तो बता देना और आपको किस topic पर article चाहिए ये भी बता देना |

आपका कोई personal question हो तो आप मुझे selfhelpinhindi@gmail.com पे मेल कर सकते हो|

Thank you, stay connected & love you guys…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments