Monday, November 28, 2022
HomeLife SkillsPositive Thinking - सकारात्मक सोच को विकसित करने के 8 उपाय

Positive Thinking – सकारात्मक सोच को विकसित करने के 8 उपाय

जब भी सोचने की बात आती है तो मनुष्य का नाम सबसे पहले लिया जाता है क्योंकि सोचने की शक्ति (Power of Thinking) जानवरों के पास नहीं बल्कि मनुष्य के पास होती है।

भगवान के द्वारा मनुष्य को सोचने की शक्ति को उपहार के रूप में दिया है, जिसकी मदद से कोई भी इंसान अपने लिए कुछ भी सोच सकता है। हर इंसान के पास अधिकार होता है कि वो अपने लिए कुछ भी सोच सकता है और इसी बात को ध्यान में रखकर हम सभी अपने लिए कुछ ना कुछ सोचते भी है। 

जब भी सोच की बात आती है तो दो तरह की सोच होती है –

(1) – सकारात्मक सोच (Positive Thinking)

(2) – नकारात्मक सोच (Negative Thinking) 

  • आपकी सोच पूरी तरह से आपके नजरिए पर निर्भर करती है। अगर आपका नजरिया खुद के प्रति और दूसरों के प्रति अच्छा है तो आपकी सोच सकारात्मक (Positive Thinking in Hindi) होती है। वहीं दूसरी तरफ अगर आपका नजरिया गलत है तो आपकी सोच नकारात्मक होती है। 

सकारात्मक सोच किसे कहते हैं? (What is Positive Thinking in Hindi?) 

  • अगर आप अपने जीवन के बुरे से बुरे समय में और किसी भी खराब से खराब चीज कुछ भी अच्छा देख लेते हैं तो उसको ही सकारात्मक सोच कहते हैं। 
  • अगर दूसरे शब्दों में कहें तो इस दुनिया के हर इंसान के जीवन में कोई ना कोई कठिन समय जरूर आता है और आपके जीवन में भी कोई ना कोई कठिन समय जरूर आया ही होगा। जब लगता है कि अब सब कुछ खत्म होने वाला है और आप उस समय हिम्मत हार जाते है लेकिन अगर उस समय आप उस कठिन समय के अंदर कुछ ऐसा देख लेते हैं और महसूस कर लेते हैं,जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है तो वही सकारात्मक सोच होती है। 

जीवन में सकारात्मक सोच का महत्व (Importance of Positive Thinking in Life in Hindi)

 importance of positive thinking in life in hindi

  • जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सकारात्मक सोच का होना जरूरी होता है क्योंकि इंसान के जीवन में सबसे ज्यादा सकारात्मक सोच महत्वपूर्ण होती है। 
  • जीवन में कठिन से कठिन परिस्थितियों में सफलता को हासिल करने के लिए और मुश्किल परिस्थितियों से लड़ने के लिए सकारात्मक सोच का होना जरूरी होता है। 
  • किसी भी गतिविधि को पूरा करने के लिए और मानसिक रूप से मजबूत बनने के लिए सकारात्मक सोच का होना जरूरी होता है। 
  • समाज के अंदर खुद को एक प्रभावशाली इंसान बनाने के लिए सकारात्मक सोच का होना महत्वपूर्ण होता है। 
  • खुद को एक सफल और कामयाब इंसान बनाने के लिए सकारात्मक सोच का होना जरूरी होता है। 

अब तक हमने जान लिया है कि सकारात्मक सोच किसे कहते हैं और जीवन में positive thinking का होना क्यों जरूरी होता है?अब आ गई इस लेख के अंदर हम जानने वाले हैं कि आप अपने अंदर सकारात्मक सोच का विकास कैसे कर सकते हैं? क्योंकि जब तक आप अपने जीवन में positive thinking का विकास नहीं करते हैं,तब-तक आप जीवन में कामयाबी को हासिल नहीं कर सकते है। 

सकारात्मक सोच का विकास कैसे करें? Positive Thinking in Hindi 

अब हम आपके साथ कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बात करने जा रहे हैं। जिनकी मदद से आप अपने अंदर सकारात्मक सोच का विकास कर सकते हैं। इसलिए इन सभी तरीकों को अपने जीवन में जरूर अपनाएं। 

1- हर दिन अच्छा देखें और सुने

हर एक दिन एक्सरसाइज अवश्य करें

  • आज के समय में हम सभी इस तरह का Content देख रहे हैं, जो हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और कुछ ऐसे ही कार्य कर रहे हैं जिनका कोई मतलब नहीं है जैसे कि पूरे-पूरे दिन मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना। अपने लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं करना। इस तरह की अनेकों गतिविधियां हम सभी कर रहे हैं और अगर आप भी इसी तरह से अपनी दैनिक दिनचर्या को जी रहे हैं तो आप असफलता की तरफ आगे बढ़ रहे हैं 
  • आपको आज से ही इन सभी कार्यों को छोड़कर हर दिन कुछ अच्छा देखना होगा। जिससे आपका मानसिक विकास हो सके, जिससे आप कुछ नया सोच सकें और आपकी सोचने की शक्ति बढ़ सके। इसके लिए आप कुछ अच्छी वीडियो देख सकते हैं और सफल लोगों को सुन सकते हैं जिससे आपकी positive thinking बढ़ेगी। 

2 – हर दिन अच्छा बोले-

  • जिस इंसान के अंदर बोलने की कला होती है उस इंसान के अंदर आगे बढ़ने की कला होती है लेकिन जिस इंसान के अंदर अच्छा बोलने की कला होती है उस इंसान के अंदर लोगों के दिलों को जीतने की कला होती है। 
  • अगर आप हर दिन कुछ अच्छा देखते हैं और अच्छा बोलते हैं तो आपके अंदर Positive thinking का विकास होता है, आपके अंदर नई ऊर्जा का विकास होता है, आपके अंदर आगे बढ़ने की शक्ति का विकास होता है क्योंकि जब आपके जीवन में कोई समस्या आती है और आप उस समस्या के अंदर उलझ जाते हैं तो आपके अंदर नकारात्मक सोच का विकास होता है और आप खुद को हर समय उल्टा ही बोलते रहते हैं। 
  • लेकिन अगर आप उस स्थिति में खुद को अच्छा बोलते हैं और बाहर भी अच्छा बोलते हैं तो आपके अंदर तो इससे आपकी positive thinking बढ़ती है और आप किसी भी समस्या का समाधान आसानी से निकाल पाते हैं 

Positive Kaise Rahe: हमेशा सकारात्मक रहने के लिए 7 उपाय

3 – खुद को Positive Affirmations दें

  • खुद में positive thinking बढ़ाने के लिए आप positive affirmations का सहारा ले सकते हो और यकीन मानिये ये जादू की तरह काम करेगा और कुछ ही दिन में आपकी लाइफ positivity से भर जायेगी| तो आप हर सुबह के समय 5 से 10 मिनट के लिए और रात को सोने से पहले 5 से 10 मिनट खुद को positive affirmations दे सकते है|आप खुद को कुछ इस तरह से positive affirmations दे सकते हो जैसे की मेरी जिंदगी दिन ब दिन बेहतर बनती जा रही है,मेरा आज का दिन बहुत अच्छा जाने वाला है,मैं अपनी जिंदगी में सफल बन रहा हु”| याद रखो आपको positive affirmations  बोलते वक़्त आपको अंदर से उसे महसूस भी करना है|

4 – सफल लोगों की जीवनी पढ़ें- 

सफल लोगों की जीवनी पढ़ें

  • आज के समय में हमारे आसपास नकारात्मकता इस हद तक फैल चुकी है, जिसके अंदर अपनी सोच को सकारात्मक रखना मुश्किल कार्य होता जा रहा है लेकिन अगर आप सफल लोगों के जीवन के बारे में पढ़ते हैं और सफल लोगों को सुनते हैं और उनके द्वारा लिखी गई किताबों को पढ़ते हैं तो इससे आपकी positive thinking करने की क्षमता बढ़ती है का विकास कर सकते हैं लेकिन अगर आप सफल लोगों के बारे में पढ़ते नहीं है तो आपके अंदर नकारात्मक सोच होती है जो आपको कहीं ना कहीं आगे बढ़ने से रोकते हैं। 
  • आपको इस नकारात्मक सोच को दूर करने के लिए सबसे पहले सफल लोगों के बारे में पढ़ना होगा और उनकी सोच को जानना होगा और उसके बाद आप आसानी से अपनी नकारात्मक सोच को छोड़कर सकारात्मक सोच का विकास कर सकते हैं। 

5 – नकारात्मक सोच वाले लोगों से दूर रहे-

  • कहा जाता है कि जैसी संगत होती है वैसी ही रंगत होती है।अगर आप एक ऐसे इंसान के साथ रहते हैं जो सुबह से लेकर रात तक सिर्फ नकारात्मक बातें ही करता रहता है तो ना चाहते हुए भी आपके अंदर भी नकारात्मक सोच का विकास हो जाता है और आप खुद को नकारात्मक बातें ही बोलते रहते हैं । 
  • लेकिन बहुत बार हमको पता नहीं होता है कि हम किस वजह से नकारात्मक सोच रहे हैं और किस वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं? इस बात को स्पष्ट करने के लिए आपको सबसे पहले अपनी संगत के लोगों को देखना होगा और ऐसे लोगों से दूर रहना होगा जो हर समय आपके साथ नकारात्मक बातें ही करते हैं और इसके अलावा आपको उन लोगों के साथ रहना है जो सकारात्मक बातें करते हैं तो इससे आप जिंदगी में आगे बढ़ने के बारे में सोचते है आगे बढ़ने के बारे में सोचते हैं। 

6 – अपने नजरिए को बदलना सीखे – 

  • होता क्या है कि हम हमेशा एक इंसान को और एक परिस्थिति को एक ही तरीके से या एक ही नजरिए से देखते रहते हैं, जिससे हम कभी भी उसके सही परिणाम तक नहीं पहुंच पाते हैं और अपनी बात पर अटल रहते हैं लेकिन अगर आप किसी भी परिस्थिति को लेकर या किसी भी इंसान को लेकर अपना नजरिया बदल लेते हैं तो आपकी समस्या बहुत ही कम समय के अंदर खत्म हो जाती हैं और आपका दिमाग पूरी तरह से क्लियर हो जाता है 
  • हमारे जीवन में कुछ ऐसी परिस्थितियां होती है और हमारे आसपास कुछ ऐसे लोग होते हैं,जहां पर रहना हम को बिल्कुल भी पसंद नहीं होता है लेकिन अगर आप अपने नजरिए को बदलते हैं तो आपकी समस्या पूरी तरह से बदल जाती है। इसलिए अपने नजरिए को बदलना सीखे क्योंकि जब नजरिया बदलता है तो ही आपका जीवन बदलता है। 

7 – लक्ष्य निर्धारण (Goal setting) करे और काम पर फोकस करे- 

  • जब आप अपने जीवन में कोई भी लक्ष्य निर्धारित नहीं करते हैं तो आपके अंदर अपने आप ही नकारात्मक विचार आने लग जाते हैं लेकिन जब आप अपने लिए कोई ऐसा लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं जो आपको हासिल करना जरूरी होता है और उस पर आप फोकस के साथ कार्य करते हैं और जब परिणाम आपके पक्ष में आते हैं तो आपके अंदर अपने आप ही सकारात्मक सोच (Positive Thinking) का विकास होने लग जाता है। इसलिए अपने लिए लक्ष्य निर्धारित अवश्य करें। 

लक्ष्य निर्धारण (Goal setting) कैसे करें?

अपने लक्ष्य को कैसे प्राप्त करें?

8 – हर एक दिन एक्सरसाइज अवश्य करें

हर एक दिन एक्सरसाइज अवश्य करें

  • एक्सरसाइज करना हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है क्योंकि एक्सरसाइज करने से हमारे अंदर सोचने और समझने की शक्ति बढ़ती है और हमारा दिमाग एकदम शांत हो जाता है और जब दिमाग शांत होता है तो आपके अंदर किसी भी चीज को समझने की शक्ति बढ़ती है और साथ ही साथ positive thinking का विकास होता है इसलिए अपने दिनचर्या में एक्सरसाइज ज़रूर शामिल करें। 

इन्हें भी पड़ें:

Conclusion-

आज के इस लेख Positive Thinking in Hindi के अंदर हमने आपके साथ बात की है कि जिस तरह से आप अपने अंदर सकारात्मक सोच का विकास कर सकते हैं और जीवन में positive thinking का महत्व क्या होता है। अगर आप भी कामयाबी को हासिल करना चाहते हैं और अपने जीवन में खुश रहना चाहते हैं तो इन सभी तरीकों को अपने जीवन में जरूर अपनाएं।

So guys आपको ये वाला article कैसे लगा ये comment section में ज़रूर बताना; साथ ही साथ कुछ suggestions हो तो बता देना और आपको किस topic पर article चाहिए ये भी बता देना|

आपका कोई personal question हो तो आप मुझे selfhelpinhindi@gmail.com पे मेल कर सकते हो| Thank you, stay connected & love you guys…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments