Thursday, August 11, 2022
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Emotional Intelligence क्या है? इमोशनल इंटेलिजेंस को बढ़ाने के बेहतरीन तरीके

हम सब इंसानो में एक बहुत ख़ास चीज़ है जो सही में इंसान बनाती है और वो है हमारी भावनाएं (Emotions)| अब भावनाएं तो हम सब में होती है पर हम कभी कभी हम दूसरों की भावनाओं को सही तरीके से समझ नहीं पातें और इसका main reason है हमारे अंदर emotional intelligence की कमी होना| Emotional intelligence जिसे improve कर के हम लोगों को और उनकी भावनाओं को सही ढंग से समझ पाते है और साथ ही साथ हम खुद को भी अच्छी तरह से जान पाते है|

सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि emotional intelligence की वजह से हम लोगों के साथ अच्छे संबंध बना पाते है, हमारे करियर की ग्रोथ होती है और हम हमारे लाइफ में आगे बढ़ पाते है| इसलिए आज इस आर्टिकल के ज़रिये हम कुछ ऐसे बेहतरीन टिप्स के बारे में जानेंगे जिन्हें अपनाकर आप अपने emotional intelligence को काफी हद तक improve कर पाएंगे|

Emotional Intelligence Meaning in Hindi

(Emotional intelligence क्या है?)

  • दूसरों की भावनाओं को समझना, दूसरों के भावनाओं की कदर करना, दूसरों को सहानुभूति देना, दूसरों के अलग अलग परिस्थितियों में खुद को रख कर देखना| इसके अलावा खुद को अच्छे से समझना, खुद के बर्ताव में बदलाव करना जिससे की लोगों को आपके बर्ताव की वजह से किसी भी तरह की परेशानी न हो और साथ ही साथ अलग अलग परिस्थितियों में खुद की भावनाओं का भी खयाल रखना इसी को हम emotional intelligence कहते है|

Emotional intelligence के फायदे

1) Emotional intelligence के फायदे

2) आप लोगों को अच्छे से जान पाते हो|

3) आपके रिश्ते अच्छे हो जाते है|

4) आप अच्छी तरह से टीम वर्क कर पाते हो|

5) आप एक अच्छे लीडर बन पाते हो|

6) आप अपने करियर में आगे बढ़ पाते हो|

7) आप खुद को अच्छे से समझ पाते हो|

8) आपकी सामाजिक कौशल्य (Social skills) improve होती है|

Emotional intelligence को बढ़ाने के कुछ बेहतरीन तरीके

1) लोगों का बर्ताव देखो:

emotional intelligence in hindi लोगों का बर्ताव देखो

  • अक्सर लोग हमारे साथ जिस तरह का बर्ताव करते है उसी तरह हम भी उनके साथ बर्ताव करते है| लेकिन आप को ऐसा नहीं करना है ऐसा करने से उस इंसान के साथ आपके संबंध और खराब हो सकते है| तो मानलो अगर आप से कोई गुस्से में या बेरुखी से बात कर रहा है तो ऐसे में आप को भी गुस्से में बात नहीं करनी है बल्कि उस इंसान से बड़ी ही शांति के साथ बात कर के उसके ऐसे बर्ताव का कारण पूछना है, उसकी परिस्थिति को समझना है और जिस बात से वो इंसान परेशान है उसका हम निकालना है| इससे आप लोगों के बर्ताव को और उनकी भावनाओं को समझ पाएंगे और इससे आपका emotional intelligence बढ़ जाएगा|

2) लोगों की बातें अच्छे से सुनो:

  • लोगों से बात करते वक़्त उनकी बात को बिच में काटने की बजाय आप उनकी बातों को गौर से सुने, उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें और उनकी बात अच्छे से सुनने के बाद उस पर प्रतिक्रिया दें|
  • जैसे अगर कोई इंसान अपना दुख या कोई प्रॉब्लम शेयर कर रहा है तो ऐसे में उस इंसान की बात अच्छे से सुनो और फिर अपनी राय उन्हें बताओ| इससे उस इंसान को आप से बात कर के अच्छा महसूस होगा, वो भावनात्मक रूप से आपके साथ जुड़ जाएगा और आप भी उसकी बात को और उसकी भावनाओं को अच्छे से समझ पाओगे और इससे आपकी emotional intelligence भी बढ़ जायेगी|

3) समानुभूति (Empathy):

  • Empathy का मतलब खुद को दूसरों की परिस्थिति में डालकर देखना| जैसे अगर आपका कोई दोस्त किसी बात से परेशान है तो ऐसे परिस्थिति में आप को अपने दोस्त की जगह पर खुद को रख कर देखना है| इससे आप को उसकी परेशानी का उसकी भावनाओं का एहसास होगा| इसलिए empathy भी आपकी emotional intelligence को बढ़ाने में बहुत मदद करती है|

4) खुद पर कण्ट्रोल रखो:

emotional intelligence in hindi खुद पर कण्ट्रोल रखो

  • कभी भी किसी के साथ बात करते वक़्त भावनाओं बहकर सारी बातें शेयर मत करो| इसके अलावा गुस्से में आकर किसी को गलत शब्द बोल देना या फिर कुछ ऐसा कर देना जिससे की बाद में जाकर आप को गंभीर परिणाम भुगतना पड़े तो ऐसी चीज़ें आप को नहीं करनी है और आप को खुद पर कण्ट्रोल बनाये रखना है|

5) आत्म विश्लेषण (Self-analysis) करो:

  • आप खुद का self analysis यानिकि आप खुद का बर्ताव और खुद के भावनाओं को observe करो अपने प्रति थोडासा सावधान (Aware) रहो और देखो की कौनसी ऐसी चीज़ें है जिससे आप को गुस्सा आता है, आप को negative feel होता है, दुख और परेशानी होती है या फिर उदासी महसूस होती है और फिर उसके बाद खुद को उन चीज़ों से दूर रखो|
  • इसके अलावा साथ ही साथ ये भी देखो की आप को किस चीज़ से ख़ुशी मिलती है, आप कब अंदर से अच्छा महसूस करते हो और कब आपका मूड अच्छा रहता है| इससे आप को अपने भावनाओं के बारे में और अपने बर्ताव के बारे में बहुत ही अच्छी तरह से पता चल जाएगा और आपकी emotional intelligence बढ़ जायेगी|

6) दूसरों की राय लो:

emotional intelligence in hindi दूसरों की राय लो

  • अपने परिवार वालों से याफिर अपने किसी करीबी इंसान से खुद के बर्ताव के बारे में पूछो क्योंकि कभी कभी हम खुद के प्रति इतना सतर्क नहीं रह पाते और जाने अनजाने में हमारे बर्ताव की वजह से हम दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते है जैसे की हमारा बर्ताव ज्यादा गुस्सैल या चिड़चिड़ा होना, दूसरों का मजाक उड़ाना, बातों बातों में गलत शब्दों का इस्तेमाल करना, ऊँची आवाज़ में बात करना या फिर छोटी छोटी बातों से परेशान होना|
  • तो इन जैसी चीज़ों को हम कई बार ध्यान नहीं रखते इसलिए किसी की राय लेना भी ज़रूरी होता है| इससे आप को अपने बर्ताव के बारे में अच्छे से पता चल जाएगा और आगे से आप ज्यादा सतर्क रह पाओगे इसके अलावा आप अपनी गलतियाँ भी सुधर पाओगे|

7) अपने भावनाओं का भी खयाल रखो:

  • Emotional intelligence दूसरों की भावनाओं को समझना, उनकी भावनाओं की कदर करना ये तो emotional intelligence है ही लेकिन साथ ही साथ आप को अपने खुद के भावनाओं का भी खयाल रखना है| जैसे की मानलो अगर कोई आप को बार बार दुख पहुँचा रहा है, आप को गलत बोल रहा है याफिर आपकी भावनाओं के साथ खेल रहा है तो ऐसे में सबसे पहले तो उस इंसान से खुद को दूर कर लो और अगर बात हद से ज्यादा बढ़ रही है तो ऐसे में उसे स्पष्ट रूप में वार्निंग दो और फिर भी माने तो उसके खिलाफ स्ट्रिक्ट एक्शन लो|

8) प्रैक्टिकल भी सोच रखो:

  • याद रखो ऐसा भी न हो की आप हर बार लोगों की भावनाओं के खातिर या फिर उनका दिल रखने की खातिर खुद का नुकसान कर दो या खुद को परेशानी में डाल दो| क्योंकि आप को भावनाओं के साथ साथ प्रैक्टिकल सोच भी रखनी है कही ऐसा न हो की इन भावनाओं के चक्कर में फसाकर लोग आप को फसाये याफिर आपका कोई नुकसान कर दें| इसलिए भावनाओं (Emotions) के साथ साथ आप में (Intelligence) होशियारी भी होनी ज़रूरी है और तभी आप में emotional intelligence अच्छे से improve हो पाएगी|

Conclusion

  • तो आज इस आर्टिकल के ज़रिये हमने जाना की कैसे हम खुद के बर्ताव में बदलाव लाकर, self-analysis कर के, अपने भावनाओं का खयाल रख कर, लोगों से राय लेकर, खुद पर कण्ट्रोल रख कर, लोगों की भावनाओं को समजकर, उनके प्रति समानुभूति दिखाकर और प्रैक्टिकल सोच रख कर अपने emotional intelligence को बढ़ा सकते है|

So guys आपको ये वाला article कैसे लगा ये comment section में ज़रूर बताना; साथ ही साथ कुछ suggestions हो तो बता देना और आपको किस topic पर article चाहिए ये भी बता देना|

आपका कोई personal question हो तो आप मुझे selfhelpinhindi@gmail.com पे मेल कर सकते हो| Thank you, stay connected & love you guys..

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