Deep लर्निंग क्या है? आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कैसे अलग है?

Deep Learning | नमस्कार दोस्तों SelfhelpinHindi.com पर आप सभी का स्वागत है। इस लेख में हम आपके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) के सबसे महत्वपूर्ण कॉम्पोनेंट डीप लर्निंग के बारे में बात करने वाले हैं। जिसके बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरी तरह से अधूरी है। 

आप सभी ने ChatGPT, GPT -4, Google Bard जैसे Ai Tools के बारे में सुना होगा। जिनका इस्तेमाल बेहतर आउटपुट के लिए किया जाता है। ऐसा सिर्फ डीप लर्निंग की मदद से ही संभव हो पा रहा है। क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मकसद मशीन किस तरह से तैयार करना है ताकि उन्हें मनुष्य की तरह सोचने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके। 

इस स्किल को develop करने के लिए डीप लर्निंग की अहम भूमिका होती है। जिसके बारे में आगे इस लेख में हम Step by Step जानने वाले हैं कि Deep Learning Kya Hai, Deep Learning in Hindi, Deep Learning कैसे काम करती है? तो जानकारी जानने के लिए लेख को आखिर तक जरूरत पढ़े। 

Deep Learning Kya Hai | क्या होती है डीप लर्निंग?

  • Deep Learning in Hindi | जिस तरह से मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रमुख शाखा है। ठीक उसी तरह से डीप लर्निंग भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख शाखा है। इन मशीनों में मनुष्य की तरह सोचने समझने और निर्णय लेने की क्षमता होती है। जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की न्यूरल नेटवर्क एल्गोरिथ्म पर कार्य करती है। जिसका मकसद सिर्फ इंसानी दिमाग की तरह सोचना होता है। 
  • यदि हम मशीन लर्निंग की बात करते हैं तो उसमें सिर्फ सीमित डांटा होता है। जिसमें हमको सिर्फ सीमित आउटपुट मिलता है लेकिन डीप लर्निंग में आपको अनलिमिटेड डाटा प्रोसेसिंग का विकल्प मिलता है। जिसमें आप अपने अनुसार किसी भी सवाल का इनपुट करके बेहतर से बेहतर आउटपुट प्राप्त कर सकते हैं। 
  • डीप लर्निंग का एल्गोरिदम Human Behavior पर कार्य करता है। जिस तरह से आप किसी भी मशीन को इनपुट देते हैं तो वह मशीन आपसे सीखती चली जाती हैं और उसमें ऐसी इंटेलिजेंस विकसित हो जाती है कि वह किसी भी सवाल का जवाब देने में सक्षम होती है। इस पूरी प्रक्रिया को डीप लर्निंग कहा जाता है। 

Deep Learning पर आधारित Tools – 

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल पिछले कई वर्षों से होता आ रहा है लेकिन उसमें से जब से डीप लर्निंग को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में जोड़ा गया है। तब से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नई क्रांति आई है। जिसके बाद से हर कोई डीप लर्निंग के बारे में जानना चाहता है तो यहां हम आपको Deep Learning के उदाहरण बताने वाले हैं। 

1) Google Translator 

डीप लर्निंग का सबसे अच्छा उदाहरण गूगल ट्रांसलेटर है। जिसका इस्तेमाल आज हर कोई करता है। गूगल ट्रांसलेटर की मदद से आप किसी भी भाषा का किसी भी अलग भाषा में अनुवाद कर सकते हैं और ऐसा सिर्फ आप एक क्लिक में कर सकते हैं। जिसमें आपको Voice की मदद से उस भाषा का अनुवाद करके बताया जाता है। गूगल ट्रांसलेट को इस लेवल पर लाने के लिए डीप लर्निंग की अहम भूमिका रही है। 

2) Chat GPT 

Chat GPT डीप लर्निंग पर आधारित एक लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है जो कुछ समय पहले से ही उभर करके हमारे सामने आई है। इस तकनीक का इस्तेमाल आज हर कोई कर रहा है। यदि इस तकनीक में से डीप लर्निंग को हटा दिया जाए तो आज आपको जितने बेहतर परिणाम मिल रहे हैं, Chat GPT आपको कभी भी इतना Advanced परिणाम नहीं दे सकता है। ऐसा सिर्फ डीप लर्निंग की मदद से ही संभव हो पा रहा है। 

Deep learning कैसे काम करती है?

  • डीप लर्निंग टेक्नोलॉजी में न्यूरल नेटवर्क सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है जो पूरी तरह से इंसानी दिमाग पर आधारित होता है। डीप लर्निंग को न्यूरल नेटवर्क आर्किटेक्चर की मदद से ट्रेनिंग दी जाती है। जिसमें मनुष्य की इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कम से कम होता है। यह पूरी तरह से प्रोग्राम होता है। जिसके फीचर्स आसानी से कोई भी समझ सकता है। 
  • डीप लर्निंग एल्गोरिथ्म में इनपुट लेयर, हिडन लेयर और आउटपुट लेयर का इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें सबसे पहले इनपुट का इस्तेमाल किया जाता है। उसके बाद हिडन लेयर की मदद से पूरी प्रोसेसिंग की जाती है और आउटपुट के तौर पर परिणाम दिखाया जाता है। 
  • हिडन लेयर का कार्य गणना करना, प्रोसेसिंग करना अर्थात आखिर निष्कर्ष तक लेकर आना होता है। कहने का मतलब है कि जब एक मशीन को इनपुट दिया जाता है तो उसके आउटपुट तक लेकर बीच की जो भी प्रोसेसिंग होती है, उसमें पूरा कार्य हिडन लेयर करता है। न्यूरल एल्गोरिथम का इस्तेमाल इंसानी दिमाग से प्रेरित होकर कठिन से कठिन इनपुट को सरल से सरल आउटपुट में बदलना होता है ताकि उसमें कम से कम गलतियां सके। 

Deep Learning, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कैसे अलग है?

  • यदि हम बेसिक लेवल पर समझे तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डीप लर्निंग और मशीन लर्निंग एक दूसरे पर आधारित होते हैं। ये तीनों तकनीक एक दूसरे के बिना अधूरी होती है लेकिन यदि हम इन के बीच के अंतर को समझें तो आप ज्यादा बेहतर तरीके से डीप लर्निंग को समझ सकते हैं। अन्यथा हम सभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग मशीन लर्निंग को एक ही समझते हैं। 
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी तकनीक होती है। जिसमें इंसानी इंटेलिजेंस को शामिल किया जाता है। जिसके बाद मशीन आसानी से मनुष्य की तरह कार्य करती है और इन मशीनों में दो अलग-अलग तरीकों से इंटेलिजेंस को विकसित किया जाता है। 
  • सबसे पहले तरीके में इन मशीनों में एक ही तरह के एल्गोरिथ्म को प्रोग्राम किया जाता है। जिसके बाद वह लाइफटाइम कार्य करता है। दूसरे तरीके में मशीनों को प्रोग्राम नहीं किया जाता है बल्कि उन मशीनों में जितना भी डाटा मौजूद है, उस डाटा की मदद से ट्रेनिंग दी जाती है और इस तकनीक को मशीन लर्निंग तकनीक बोलते हैं। जिसमें सभी डाटा को मैनुअली एंटर करना होता है। डीप लर्निंग तकनीकी के Example ड्राइवरलेस कार, ट्रैफिक लाइट, ट्रैफिक कैमरा इत्यादि। 

Deep learning के फ़ायदे क्या-क्या है?

  • डीप लर्निंग का एल्गोरिदम पूरी तरह से स्वचालित डेटा पर आधारित होता है यानी कि इस मशीन को ऑपरेट करने के लिए किसी नहीं व्यक्ति की आवश्यकता नहीं होती है। बल्कि यह डाटा के आधार पर आउटपुट देता है। 
  • डीप लर्निंग की मदद से किसी भी जटिल से जटिल डाटा का सरल से सरल आउटपुट ले सकते हैं। 
  • इस तकनीक से आप अपने कार्य की प्रोडक्टिविटी को बढ़ा सकते हैं। 
  • कम समय में ज्यादा कार्य पूरा कर सकते हैं। 
  • डीप लर्निंग की मदद से भविष्य के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है। जिसके बाद कोई भी योजना बनाने या फिर निर्णय लेने में मदद करता है। 

इन्हे भी पढ़े

निष्कर्ष (Conclusion)- 

  • आज हमने जाना है “Deep Learning Kya Hai” उम्मीद करते हैं कि इस लेख में डीप लर्निंग से रिलेटेड जानकारी आप सभी को जरूर पसंद आई होगी और यदि आप भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में नई नई जानकारी जानना चाहते हैं तो आपको डीप लर्निंग के बारे में अवश्य पढ़ना चाहिए। क्योंकि डीप लर्निंग आज के समय में ट्रेंडिंग टेक्नोलॉजी है और इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल आज हर एक छोटे-बड़े सेक्टर में किया जा रहा है तो आपको इसके बारे में जानना बेहद ही जरूरी है। 
  • यदि आपके मन में इस लेख से रिलेटेड कोई भी सवाल है तो हमको कमेंट करके जरूर बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सभी को डीप लर्निंग तकनीक के बारे में कुछ नया सीखने को मिले धन्यवाद। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) 

1) डीप लर्निंग के फायदे क्या क्या है?

  • वर्तमान समय में डीप लर्निंग के अनेकों फायदे हैं। जैसे कि डीप लर्निंग तकनीक में आपको ऑटोमेटिक फीचर, जटिल से जटिल इनपुट का सरल से सरल आउटपुट मिलता है। साथ ही साथ पूर्व अनुमानित डाटा एवं किसी भी प्रकार की जानकारी सिर्फ एक क्लिक में मिलती है। 

2) डीप लर्निंग से आप क्या समझते हैं?

  • डीप लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख शाखा है। मशीनों में मनुष्य की तरह सोचने समझने और निर्णय लेने की क्षमता होती है। जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की न्यूरल नेटवर्क एल्गोरिथ्म पर कार्य करती है। जिसका मकसद सिर्फ इंसानी दिमाग की तरह सोचना होता है। 

3) डीप लर्निंग का भविष्य क्या है?

  • पिछले कुछ समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी के साथ में बदली है। जिसमें डीप लर्निंग की अहम भूमिका रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में डीप लर्निंग किसी भी कार्य को आसान बनाती है। बेहतर से बेहतर और सटीक जवाब देने में मदद करती है। भविष्य के बारे में अनुमान लगा सकती है। किसी भी कार्य की प्रोडक्टिविटी को बढ़ा सकती है तो इनसे आप अंदाजा लगा सकते हो कि डीप लर्निंग का भविष्य कितना सुनहरा होने वाला है। 

Leave a Comment