मानव जीवन का उद्देश्य क्या है?

  • हम में से हर किसी के मन में ये सवाल कभी न कभी ऐसे सवाल आये होंगे की हमें ये जीवन क्यों मिला,इस जीवन को हमें कैसे जीना है और इस जीवन का उद्देश्य क्या है। कुछ लोग होते है जो जान पाते है की इस जीवन का उद्देश्य क्या है लेकिन ऐसे बहुत से लोग है जो अपना जीवन जी तो रहे है लेकिन उनको अपने जीवन का उद्देश्य ही नहीं पता और वो बिना किसी मतलब के अपने जिंदगी को जी रहे है; तो आखिरकार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है? 
  • अगर आसान भाषा में कहा जाए तो भौतिक दृष्टि से मानव जीवन का उद्देश्य दुनिया में अपना नाम कमाना, पैसे कमाना और एक अच्छा इंसान बनकर दिखाना है,अगर नाम और पैसे ज्यादा न कमा पाए तो भी आप एक अच्छे इंसान तो बन ही सकते है। वही अगर आध्यात्मिक दृष्टी से देखा जाए तो मानव जीवन का उद्देश्य धर्म (अपने कर्तव्य निभाना), अर्थ (पैसे कमाना), काम (जीवन चलाने के लिए भोग करना) और मोक्ष (मुक्ति पाना) है। तो आईये इस आर्टिकल के ज़रिये हम भौतिक (Materialistic) और आध्यात्मिक (Spiritual) इन दोनों को ध्यान में रखकर जीवन कैसे जीना चाहिए और जीवन का उद्देश्य क्या होना चाहिए ये जान लेते है।

मनुष्य जीवन का उद्देश्य कुछ इस प्रकार है:

1) अपने लक्ष्य को हासिल करना: 

अपने लक्ष्य को हासिल करना

  • वैसे आध्यात्मिक रूप से देखा जाए तो अंत में मनुष्य जीवन का उद्देश्य यानिकि लक्ष्य एक ही है और वो है मोक्ष की प्राप्ति करना लेकिन इसके अलावा हमारे कुछ भौतिक (Materialistic) भी लक्ष्य होने चाहिए जिससे की हम इस दुनिया में अपनी एक पहचान बना सकें। इसलिए आप थोड़ा सोचिये की आप में क्या खूबियां है,क्या काबिलियत है,आप अपने जीवन में क्या पाना चाहते है, किस मुकाम को हासिल करना चाहते है यानिकि किस लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते है।
  • अगर देखा जाए तो हर एक इंसान के अलग अलग लक्ष्य होते है जैसे की किसी को बड़ा बिजनेसमैन बनना है,किसी को अच्छी जॉब पानी है या किसी को अपनी कला के ज़रिये दुनिया में अपना नाम रौशन करना है ऐसे ही और भी कई सारे लक्ष्य हो सकते है जिसे आप अपने जीवन में हासिल करना चाहते होंगे।
  • तो आप जिस भी लक्ष्य को पाना चाहते है उसे अपने मन में पक्का कर लें,एक सही योजना के हिसाब से अपने लक्ष्य पर काम करिये और लक्ष्य को प्राप्त करिये। हा लेकिन एक बात ज़रूर याद रखें की आप जिस भी लक्ष्य को हासिल करना चाहते है उससे आपका तो भला हो ही लेकिन आपकी वजह से लोगों का किसी भी प्रकार से नुकसान हो।

2) अपने ज्ञान (Knowledge) को बढ़ाना: 

  • अगर आपको किसी Particular Field की अच्छी नॉलेज है तो आप कभी भी ऐसी सोच मत रखो जैसे की ”अब मुझे कुछ भी सीखने की ज़रूरत नहीं है” या कुछ लोग ऐसे भी होते है जो एक field में माहिर होने के बाद ये सोचते है की उन्हें सब कुछ आता है और उन्हें किसी भी चीज़ की नॉलेज लेने की ज़रूरत नहीं है।
  • लेकिन आपको ऐसा नहीं करना है आपको समय समय पर नयी नयी स्किल्स को सीखना है और किताबों के ज़रिये याफिर इंटरनेट के ज़रिये अपने नॉलेज को बढ़ाना है ताकि आप खुद को अपडेटेड रख सको और स्किल्स और नॉलेज के ज़रिये अपने जीवन में आगे बढ़ सको और इसीलिए अपने ज्ञान को बढ़ाना भी आपके जीवन का उद्देश्य होना चाहिए।           

3) पैसे कमाना (अर्थ)

  • आपको तो पता ही है की हमारी जिंदगी में पैसा भी कितना Important है क्योंकि बिना पर्याप्त पैसों के आप खुद को और अपने परिवार को एक अच्छा जीवन नहीं दे सकतें। अब कुछ लोगों को ऐसा भी लग सकता है की क्या पैसे कमाना जीवन का उद्देश्य होना चाहिए,ज्यादा पैसे कमाना अच्छी बात नहीं है या पैसा बुरी चीज़ है वगैरह वगैरह लेकिन दरअसल बात ये है की हम अपने कमाए हुए पैसों का किस तरह से इस्तेमाल करते है इस पर सारी चीज़ें निर्भर होती है।
  • आप अपने लिए पैसों के हमेशा एक से ज्यादा स्रोत मतलब के अपने source of income एक से ज्यादा रखें ताकि आप ज्यादा से ज्यादा पैसा मौजूद हो और आपको पैसों को लेकर कभी भी कोई दिक्कत न आये।हा लेकिन एक बात का ध्यान रखें की आपका पैसा सही मार्ग से कमाया हुआ होना चाहिए मतलब  की दूसरों को फसाकर याफिर अपने फायदे के लिए किसी और का नुकसान कर के पैसे मत कमाओ।               

4) अपने कर्तव्य को निभाना (धर्म)

  • अपने कर्तव्य को निभाना भी आपके जीवन का उद्देश्य होना चाहिए  इसीलिए अपने परिवार के प्रति और समाज के प्रति आपके जो भी आपके जो भी कर्तव्य यानिकि जिम्मेदारियां है उन्हें अच्छे से निभाओ,लोगों के सुख दुख में शामिल हो जाओ ज़रूरत के समय उनका साथ दो और उनकी मदद करो। इसके अलावा आप जो भी काम करते हो जिस वजह से आप पैसे कमा पाते हो उस काम को पूरी निष्ठा के साथ करो और अपने काम में भी अपना कर्तव्य अच्छे से और ईमानदारी से निभाओ।    

5) अध्यात्म से जुडना (मोक्ष)

अध्यात्म से जुडना

  • मोक्ष का मतलब जीवन और मरण से मुक्त होकर ईश्वर से जुड़ना। आपको तो पता ही है की सबको कभी न कभी ये दुनिया छोड़कर जाना ही है क्योंकि इस जीवन का अंतिम सत्य मृत्यु ही है। इसलिए अपने जीवन को आध्यात्मिक नज़रिये से देखो और आप जिस भी ईश्वर को मानते हो उसका स्मरण रखो और उससे जुडने की कोशिश करो और अपने कर्म सही रखो। इससे आपको जीवन की गहराई पता चल जाएगी और आपको ये भी एहसास हो जाएगा की मृत्यु कोई अंत नहीं है बल्कि ये तो एक नयी शुरुवात है क्योंकि शरीर की मृत्यु होती है और आप अपने शरीर से अलग हो, आप एक ऊर्जा हो आप एक आत्मा हो और अंत में आपको मोक्ष को प्राप्त हो के ईश्वर के पास ही जाना है इसलिए और आध्यात्मिक रूप से यही आपके जीवन का उद्देश्य है
  • अब कुछ लोग इस बात को माने या ना माने लेकिन अगर आप अपने अध्यात्म की दृष्टी से देखें तो ये बात सच है। अब अध्यात्म से जुड़ने का मतलब ये भी नहीं है की आप अपने सारे important काम छोड़कर ईश्वर की भक्ति में लग जाओ और खुद ईश्वर भी इसकी अनुमति नहीं देते आप बस ईश्वर को अपने दिल में रखो और दिन में बस एक या दो बार दिल से ईश्वर का नाम लो बस यही काफी है क्योंकि भक्ति के लिए भजन कीर्तन की नहीं बल्कि भाव और श्रद्धा की ज़रूरत होती है।    

6) खुश रहना:

  • दोस्तों हमें जिंदगी ख़ुशी से जीने के लिए मिली है ना की ग़म में डूबकर हर वक़्त परेशान रहने के लिए,हा माना की जिंदगी में कठिनाईयां और दुख आएंगे लेकिन उन सबका आपको डट कर सामना करना है
  • इसलिए खुद भी खुश रहो और दूसरों को भी यानिकि अपने परिवार वालों को और आपसे जुड़े लोगों को खुश रखो; हा यहाँ पर एक और बात अपने experience से कहना चाहूंगा की आप अपनी जिंदगी में हर किसी को खुश नहीं रख सकतें और इसमें आपकी गलती नहीं है बल्कि वो उनकी सोच है बस आप ये ध्यान रखें की आप किसीको जानबूझकर दुख न पहुंचाए। 

7) मोह और लालच को त्यागना (काम):

  • मोह और लालच से दूर रहो क्योंकि मोह और लालच में फसकर ही इंसान बुरी आदतों में फास जाता है और बुरे काम कर बैठता है। इसलिए आज ही अपने बुरी आदतों को छोड़ दो। 
  • आज कल लोग भौतिक (Materialistic) चीज़ों में फसकर अपना जीवन जीते है जैसे की ज्यादा सुख सुविधा पाने की लालच, मोह और काम वासना में फसकर अपना जीवन बर्बाद करते है पर यहाँ पर आपको ये समझना चाहिए की बस यही जीवन नहीं है जब हम इन भौतिक चीज़ों से ऊपर उठकर अध्यात्म से और ईश्वर से जुड़ने की कोशिश करेंगे तभी हम इस मानव जीवन का सार्थक कर पाएंगे। 

जीवन जीते वक़्त इन बातों का भी ध्यान रखो:

1) बुरी आदतों को छोड़ दो: 

बुरी आदतों को छोड़ दो

  • आप जिस किसी भी गलत आदतों में फसे हो उससे बाहर निकलो और अपने जीवन की एक नयी शुरुवात करो और पिछली जो भी गलतियां की है उससे एक अच्छी सीख लेकर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ो और दोबारा उन गलतियों को मत दोहराओ।
  • इसके अलावा ईश्वर सदैव आपको देख रहा है ये ध्यान में रख कर ही आप अपना जीवन जियो जिससे की आप गलत आदतों से और बुरे कर्मों से दूर रह पाओगे। 

2) अपना बर्ताव सही रखो: 

  • सब से अच्छी तरह से पेश आओ फिर चाहे वो आपसे बड़े हो या छोटे क्योंकि आपकी बर्ताव की वजह से ही आप लोगों पर अपनी एक अलग छाप छोड़ देते हो तो अगर आपका बर्ताव सही है तो लोग आपको एक अच्छा इंसान समझेंगे और लोग आपसे जुड़ना पसंद करेंगे और अगर आपका बर्ताव सही नहीं है तो लोग आपसे दूर रहना ही पसंद करेंगे। 
  • लोगों के प्रति आपका बर्ताव सही रखना बेहद ज़रूरी है क्योंकि अंत में आपके मृत्यु के बाद लोग ये याद नहीं रखेंगे की आपने पैसा कितना कमाया या आप कितने ज्यादा फेमस थे बल्कि लोग ये याद रखेंगे की आप इंसान कैसे थे।    

3) अन्याय मत सहो:

अन्याय मत सहो

  • कोई अगर आपको जानबूजकर परेशान कर रहा है तो ऐसे में आप अन्याय मत सहो बल्कि उस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाओ और खुद को इतने मजबूत बनाओ की दोबारा आपको कोई परेशान करने की कोशिश न कर सकें। 

Conclusion

तो आज इस आर्टिकल के ज़रिये हमने जाना की हमारे जीवन का उद्देश्य क्या होना चाहिए जिसमें अपने कर्तव्य को निभाना,अपने ज्ञान को बढाना, अध्यात्म से जुड़ना,अपने लक्ष्य को हासिल करना और पर्याप्त रूप से पैसे कमाना और अंत में मोक्ष को प्राप्त होना यानिकि जीवन और मरण से मुक्त होकर ईश्वर से जुड़ना। कुछ और भी बातें है जो हमें जीवन जीते समय ध्यान में रखनी ज़रूरी है जैसे की सबके प्रति अपना बर्ताव सही रखना,बुरी आदतों से दूर रहना और किसी भी प्रकार का अन्याय न सहना।       

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